
सांकेतिक तस्वीर।
नई दिल्ली। घाटी में जारी आतंकवाद के खिलाफ केंद्र की सरकार से जो बन पा रहा है वह कर रही है, इसमें तनिक भी संदेह नहीं है। जहां इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंक के खिलाफ एक और कदम बढ़ाते हुए लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आतंकी संगठन घोषित कर बैन भी लगा दिया है। बता दे कि यह संगठन जम्मू-कश्मीर में कई टारगेट किलिंग में शामिल रहा है। गृह मंत्रालय ने गुरुवार देर रात TRF पर प्रतिबंध लगाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने TRF के कमांडर शेख सज्जाद गुल और लश्कर कमांडर मोहम्मद अमीन उर्फ अबु खुबैब को आतंकी घोषित कर दिया है। दोनों पर यह कार्रवाई UAPA के तहत हुई है। दरअसल,गृह मंत्रालय के हवाले से दावा किया गया है कि TRF आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाने, आतंकियों की भर्ती, आतंकियों की घुसपैठ और पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा है। मालूम हो कि TRF साल 2019 में अस्तित्व में आया था।
वहीं, लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद अमीन उर्फ अबु खुबैब को आतंकवादी घोषित किया गया है। वह जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है, फिलहाल वह पाकिस्तान में है। खुबैब लश्कर-ए-तैयबा के लॉन्चिंग कमांडर के रूप में कार्य कर रहा है, उसका पाकिस्तान की एजेंसियों के साथ भी संबंध है।
दरअसल,‘द रजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) नया नाम है। सुरक्षाबलों का मानना है कि 2019 में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद TRF की गतिविधियां बढ़ी हैं। बताया जा रहा हैं कि सीमा पार से ISI हैंडलर्स ने ही लश्कर-ए-तैयबा की मदद से TRF को खड़ा किया है।
