एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

अब चीन के आसमान में भी दिखा संदिग्ध आॅब्जेक्ट, चीन की एअर फोर्स भी अलर्ट पर, मचा हड़कंप – हेमंत सिंह (स्पेशल एडिटर)


चीन का लड़ाकूं शिप, फाईल फोटो, साभार -(चीनी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के ट्वीटर से)

वाशिंग्टन/बीजिंग। दुनिया में एक तरफ रूस-यूक्रेन जंग पिछले 11 महिने से अधिक हो चला है तो वही अमेरिका और चीन के बीच अब एअर स्पेस वाॅर छिड़ता नजर आ रहा है। क्योंकि, चीन के जासूसी गुब्बारे के लेकर पहले से ही मचे बवाल के बीच अमेरिका और कनाडा के बाद अब चीन के आसमान में भी अज्ञात उड़ने वाली वस्तु (UFO) देखे जाने का रिपोर्ट सामने आ रहा है। जिसे हिट करने के लिए चीनी वायु सेना भी तैयारी कर रही है। दावा है कि यह अज्ञात ऑब्जेक्ट पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के तटीय शहर रिझाओं के पास समुद्र के उपर है। ऐसे में आसपास मौजूद मछुआरों को मलबे की चपेट में आने से बचाने के लिए चेतावनी जारी की गई है। हालांकि,चीन की तरफ से यह अभी तक नहीं साफ हो सका है कि यह ऑब्जेक्ट देखने में कैसा है या फिर इसका आकार कितना बड़ा है ? बता दे कि इससे पहले यानि कुछ घंटे पहले ही कनाडा के आसमान में इसी तरह के एक अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को मार गिराया गया है।

दरअसल,चीन की सरकारी मीडिया “ग्लोबल टाइम्स” के हवाले से यह दावा किया गया है कि पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत में स्थानीय समुद्री अधिकारियों ने रविवार को घोषणा करते हुए बताया है कि उन्होंने प्रांत के तटीय शहर रिझाओ के पास पानी में एक अज्ञात उड़ने वाली वस्तु देखी है। ऐसे में मछुआरों को संदेशों के माध्यम से सुरक्षित रहने की चेतावनी जारी करते हुए इसे मार गिराने की तैयारी कर रहे हैं।

वहीं,एक दिन पहले ही अमेरिकी वायु सेना के एक लड़ाकूं विमान ने कनाडा के ऊपर एक अज्ञात बेलनाकार वस्तु को नष्ट किया था। इससे पहले अमेरिका ने अलास्का के जल क्षेत्र के ऊपर भी इसी तरह के एक अज्ञात वस्तु को मार गिराया था। जहां कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने बताया कि इस अज्ञात वस्तु को शनिवार को उत्तर-पश्चिम कनाडा के युकोन क्षेत्र में नष्ट किया गया। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने भी बताया कि यह वस्तु एक रात पहले अलास्का में देखी गई थी और सैन्य अधिकारियों ने बारीकी से इस पर नजर रखी।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने बीते 6 फरवरी को चीन के जासूसी गुब्बारे को दक्षिण कैरोलिना के ऊपर मार गिराया था। जो कि यह गुब्बारा 30 जनवरी को अमेरिकी वायु सीमा में दाखिल हुआ था। वहीं,चीन ने दावा किया था कि यह गुब्बारा असैन्य गतिविधि से जुड़ा हुआ है और हवा के प्रवाह के कारण अपना रास्ता भटक गया है। जबकि अमेरिका ने इसे जासूसी गुब्बारा बताते हुए चीन के दावे को खारिज कर दिया था। इसके बाद बाइडेन के आदेश से इस गुब्बारे को अटलांटिक महासागर के ऊपर मार गिराया गया था। अब ऐसे में जिस तरह से जासूसी गुब्बारे के बाद अब इस तरह के संदिग्ध वस्तुएं अमेरिका और चीन के आसमान में देखे जा रहे हैं और साथ ही साथ उसे शूट भी किया जा रहा है। यह तमाम घटनाक्रम किस संकेत की तरफ ईशारा कर रहे हैं ? यह कह पाना अभी मुश्किल है लेकिन एक बात जरूर साफ हो चला है कि यह माहौल अब सामान्य स्थिति में इतने जल्दी आने वाला नहीं है।

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