
सांकेतिक तस्वीर।
तेलअवीव। ईरान के साथ जारी भीषण जंगी तनातनी के बीच इजरायल ने तेहरान को खुली धमकी देते हुए कहा है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए सभी विकल्पों को खुला रखे हुए है। इतना ही नहीं इजरायल ने मांग भी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान के उन्नत हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करे। चूंकि,ईरान के परमाणु कार्यक्रम को इजरायल अपने अस्तित्व के लिए खतरा बताता रहा है।
वहीं,संयुक्त राष्ट्र के न्यूक्लियर वॉचडॉग IAEA ने यूरेनियम संवर्धन को लेकर ईरान की आलोचना की है। आईएईए ने कहा कि ईरान अपने फोर्डो संयंत्र में हथियारों के ग्रेड वाले 60 फीसदी शुद्धता तक समृद्ध यूरेनियम का उत्पादन कर रहा है। इसके लिए ईरानी वैज्ञानिकों ने फोर्डो संयंत्र के दो उन्नत मशीनों के क्लस्टर में अधोषित इंटरकनेक्शन किया था। बता दे कि आईएएईए पूरी दुनिया में परमाणु प्रतिष्ठानों पर नजर रखती है और उसके अधिकारी समय-समय पर संयंत्रों का औचक निरीक्षण भी करते हैं। इस परिवर्तन के लिए ईरान ने आईएईए को कोई जानकारी नहीं दी थी।
दरअसल,म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि जब हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की बात करते हैं, तो हमें सभी संभव साधनों को रखना चाहिए। मैं दोहराता हूं, हर संभव साधन मेज पर हैं। यह बात उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और बहरीन के अधिकारियों के सामने बोला। योआव ने कहा कि ईरान के खिलाफ जारी प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र से बाहर अपने उन्नत हथियारों का विस्तार कर रहा है जिसमें मिसाइलों और संबंधित तकनीकों पर प्रतिबंध शामिल है। मालूम हो कि ये प्रतिबंध अक्टूबर 2023 तक लागू रहेंगे। इस कारण ईरान उन्नत मिलिट्री सिस्टम का न तो निर्यात कर सकता है और ना ही आयात।
ऐसे में ईरान भी परमाणु हथियारों को पाने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहा है। लेकिन,ईरान के प्रयासों पर हर बार इजरायल ने पानी फेरा है। इजरायल ने कई बार खुफिया आपरेशन कर ईरानी परमाणु संयंत्रों पर हमला किया है। इसमें रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन हमले भी शामिल हैं। इनके अलावा दावा किया जाता है कि इजरायल ने कई ईरानी वैज्ञानिकों को भी निशाना बनाया है। यही कारण है कि ईरान पर इजरायल के हमले की हमेशा संभावना बना हुआ हैं।
