एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

UN में भारत की बड़ी डिप्लोमैटिक जीत, भारतीय नागरिक को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने का पाकिस्तान का मिशन हुआ फेल – हेमंत सिंह/नित्यानंद दूबे


सांकेतिक तस्वीर।

वाशिंग्टन। भारत-पाकिस्तान के बीच भले ही कभी-कभार बंदूके गरजती हो लेकिन डिप्लोमैटिक मंच पर हमेशा एक-दूसरे के खिलाफ आपस में हमला जारी रहता है। जहां इस बीच UN में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की साजिश पर उस समय पानी फिर गया,जब पाकिस्तान ने एक भारतीय नागरिक को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की बड़ी कोशिश की। जहां इस प्रस्ताव को भारत समेत 4 अन्य देशों ने भी खारिज कर दिया।

दरअसल,इस्लामाबाद गोबिंद पटनायक डुग्गीवालासा नाम के एक भारतीय नागरिक को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर आतंकवादी होने का लगातार दावा करता रहा है। जहां पाकिस्तान दावा करता है कि यह शख्स पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी हमलों में शामिल रहा है। और इसे अंतरराष्ट्रीय आंतकी घोषित करने के लिए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इस शख्स का नाम दर्ज कराने की कोशिश की थी।

बता दे पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को खारिज करने में, UK, अमेरिका, फ्रांस और अल्बानिया ने भारत का साथ दिया था। भारत का साथ देने वाले देशों में, 3 देश UNSC के स्थायी सदस्य हैं। वहीं, चौथा देश अल्बानिया इस महीने UNSC का अध्यक्ष है। 2020 में भी पाकिस्तान के ऐसे एक प्रस्ताव को सभी सदस्यों ने खारिज कर दिया था।

वहीं,UN में भारत के प्रतिनिधि टी.एस. त्रिमूर्ति ने अपने एक ट्वीट में कहा कि आतंकवाद पर 1267 विशेष प्रक्रिया को धार्मिक और राजनीतिक रंग देने की पाकिस्तान की कोशिश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नाकाम कर दिया है। हम उन सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने पाकिस्तान के मंसूबे नाकाम कर दिए।

गौरतलब है कि UNSC 1267 कमिटी रिजोल्युशन को UNSC अलकायदा और इस्लामिक स्टेट्स (ISIS) रिजोल्युशन भी कहते है। यह 1999 में मंजूर किया गया था। इस कमिटी में सबसे पहले नाम ओसामा बिन लादेन और उससे संबंधित अलकायदा और तालिबान के आतंकियों का था।

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