बीजापुर, (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र के कांदुलनार, कचलारम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच 11 नवंबर को हुई मुठभेड़ में 27 लाख रुपये के इनामी तीन महिला सहित छह नक्सली मारे गए थे। मारे गये सभी नक्सलियाें की शिनाख्त हाे गई है।
मुठभेड़ स्थल से दाे इंसास रायफल, 05 मैग्जीन, 68 कारतूस, एक 9 एमएम काबाईन, 03 मैग्जीन, 22 कारतूस, तीन .303 रायफल, एक मैग्जीन 13 कारतूस, एक सिगल शाॅट रायफल, एक 12 बोर बंदूक, 08 कारतूस, रेडियो, स्केनर, मल्टीमीटर, हेण्ड ग्रेनेड,सेफ्टी फ्यूज, माओवादी साहित्य, पोच, माओवादी वर्दी, मेडिकल सामग्री एवं अन्य सामग्री बरामद की गई हैं। इस संयुक्त अभियान को डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की टीमों ने अंजाम दिया।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने गुरूवार काे बीजापुर में आयाेजित पत्रकारवार्ता में उक्त जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षाबलों को डीकेएसजेडसीएम पापाराव, मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज डीवीसीएम कन्ना उर्फ बुचन्ना, डीवीसीएम उर्मिला, डीवीसीएम मोहन कड़ती सहित पश्चिम बस्तर डिवीजन के करीब 50 से 60 नक्सलियों के एक बड़े समूह की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने तत्काल इलाके में एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। 11 नवंबर की सुबह लगभग 10 बजे से शुरू हुई यह मुठभेड़ रुक-रुक कर दो दिनों तक जारी रही, जिसमें अंततः छह प्रमुख नक्सलियों को मार गिराने में सफलता मिली।
डीवीसीएम कन्ना उर्फ बुचन्ना : यह 8 लाख रुपये का इनामी मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी था और गुड्डीपाल, थाना मोदकपाल का निवासी था। पिछले एक दशक से अधिक समय से पुलिस और आम नागरिकों पर हुए कई हमलों का यह मास्टरमाइंड था। उसके खिलाफ 42 आपराधिक मामले दर्ज थे और 18 स्थायी वारंट जारी थे। पुलिस को मिले दस्तावेजों से यह भी पता चला है कि उसका शहरी नेटवर्क से भी गहरा जुड़ाव था।
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