मॉस्को
अमेरिका और ब्रिटेन के साथ बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी नौसेना की किलर परमाणु पनडुब्बी को बाल्टिक सागर में तैनात कर दिया है। ऑस्कर-II क्लास की परमाणु शक्ति से चलने वाली यह क्रूज मिसाइल पनडुब्बी अपने साथ कई महाविनाशक मिसाइलों को लेकर गश्त कर रही है। बताया गया कि इस इलाके में रूसी नौसेना की दो और परमाणु पनडुब्बियों को देखा गया है। इनमें से एक पनडुब्बी पर तो 16 सबमरीन लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलें लगी हुई हैं, जो एक साथ 96 ठिकानों पर परमाणु हमला कर सकती हैं।
रूसी नौसेना की परेड में शामिल होगी यह पनडुब्बी
दुनियाभर की पनडुब्बियों की गतिविधियों पर निगाह रखने वाले रक्षा विशेषज्ञ एचआई शुटन ने द डेली टेलीग्राफ को बताया कि यह पनडुब्बियां सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी नौसेना की वार्षिक परेड में हिस्सा लेंगी। आमतौर पर रूस हर साल एक ही परमाणु पनडुब्बी को इस परेड में हिस्सा लेने के लिए भेजा करता है। लेकिन, इस बार क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इतनी संख्या तीन की गई है। यह बाल्टिक सागर में तैनात रूस की एकमात्र परमाणु पनडुब्बी है।
रूसी नौसेना दिवस में हिस्सा लेगी यह पनडुब्बी
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस के विश्लेषकों ने बताया कि इस पनडुब्बी का नाम Orel (K-266) है। जिसके 26 जुलाई को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित नौसैना दिवस परेड में हिस्सा लेने की उम्मीद है। बता दें कि रूस के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों और नेवल बेस में से एक सेंट पीटर्सबर्ग बाल्टिक सी के मुहाने पर ही स्थित है। इसी रास्ते से रूस का ज्यादातर व्यापार होता है।
इन मिसाइलों को दाग सकती है रूसी पनडुब्बी
Orel पनडुब्बी P-800 Oniks मिसाइल को फायर करने में सक्षम है। यह मिसाइल सुपरसोनिक स्पीड से दुश्मनों के युद्धपोतों और जमीन पर मौजूद ठिकानों को पल भर में नष्ट कर सकती है। इस पनडुब्बी में 3M14K Kalibr लैंड बेस्ड क्रूज मिसाइल भी तैनात है जो अमेरिकी सेना के टॉमहॉक क्रूज मिसाइल के बराबर ताकतवर है। इन दोनों मिसाइलों की मारक क्षमता का सीरिया में टेस्ट किया जा चुका है। जहां इसने अपने निशानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था।
नाटो के युद्धाभ्यास से चिढ़ा हुआ है रूस
नाटो का वार्षिक सैन्याभ्यास सी ब्रिज सोमवार को काला सागर के उत्तर पश्चिम हिस्से में शुरू हुआ। रूसी नौसेना इस युद्धाभ्यास में शामिल होने वाले युद्धपोतों की करीबी से निगरानी कर रही है। रूस के विरोधी देशों के इस युद्धाभ्यास में में 32 देशों के लगभग 5,000 सैनिक और 32 युद्धपोत शामिल हैं। 10 जुलाई तक दुश्मन देशों की सेनाएं रूस के करीब समुद्र में अपने शक्ति का प्रदर्शन करेंगी।
क्रीमिया में एस-400 का टेस्ट कर चुका है रूस
रूसी वायु सेना ने दो दिन पहले ही यूक्रेन से कब्जाए हुए क्रीमिया में एस-400 मिसाइल सिस्टम का टेस्ट किया था। रूसी सैन्य अधिकारियों ने बताया था कि वे इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की ऑपरेशनल तैयारियों को जांच रहे हैं। रूसी नौसेना के काला सागर बेड़े के प्रवक्ता कैप्टन एलेक्सी रुलियोव ने बताया कि काला सागर बेड़े के विमान और हेलीकॉप्टरों ने दक्षिणी सैन्य जिले के एयरफोर्स फॉर्मेशन के साथ यह युद्धाभ्यास किया। इसमें एस -400 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम और पैंटसिर सेल्फ प्रोपेल्ड मिसाइल और गन सिस्टम को फायर कर उनकी तैयारियों की जांच की गई।
काला सागर में रूस ने किया युद्धाभ्यास
रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए ने बताया कि रूसी नौसेना और वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने काला सागर के ऊपर ट्रेनिंग मिशन को अंजाम दिया। इस दौरान नकली दुश्मन जहाजों के ऊपर सटीक बमबारी और मिसाइल हमले का अभ्यास किया गया। अभ्यास में सुखोई एसयू-30 एसएम, सुखोई एसयू -24 एम, सुखोई एसयू -34 और सुखोई एसयू -27 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया।
