
रेलवे स्टेशन पर हमले के बाद मिसाइल के अवशेष, साभार- (सोशल मीडिया)
कीव/मॉस्को। रूस-यूक्रेन के बीच जारी भीषण लड़ाई अब 44 दिनों से उपर हो चली है लेकिन फिर भी रूस अभी कुछ खास सफलता नहीं हासिल कर सका है। इस बीच यूक्रेन में रूसी सेना की तरफ से जबरदस्त तबाही मचाने का दौर जारी है। बता दें कि एक दिन पहले ही यूक्रेन के एक रेलवे स्टेशन में मिसाइल से हमला करने पर कम से कम 52 लोगों की मौत हो गई थी,जबकि सैकड़ों अन्य घायल हुए थे। मृतकों में ज्यादातर देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे बच्चे और महिलाएं भी थीं। इस घटनाक्रम में एक चौंकानें वाली रिपोर्ट सामने आई है,जिसमें दावा किया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन पर जिस मिसाइल से हमला हुआ था,उसके एक साइड पर रूसी भाषा में लिखा था कि ‘यह बच्चों के लिए है’। रिपोर्ट्स के मुताबिक,जिस वक्त यह हमला हुआ उस वक्त स्टेशन और उसके आसपास करीब चार हजार लोग मौजूद थे।
वहीं,यूक्रेन के राष्ट्रपति वालोदिमीर जेलेंस्की ने क्रैमेतोर्स्क स्थित रेलवे स्टेशन पर हुए मिसाइल हमले की एक बार फिर निंदा की। बता दें कि इस हमले में करीब 52 लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान जेलेंसकी और अन्य नेताओं ने रूस द्वारा स्टेशन पर जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे भी जोर देते हुए कहा कि इस हमले की जवाबदेही तय की जायेगी और दोषियों को बख़्शा नहीं जायेगा।
वहीं,रूस ने यूक्रेन को यह कहते हुए दोषी ठहराया कि उसकी सेना ने उस तरह की मिसाइल का इस्तेमाल नहीं किया,जो स्टेशन से टकराई। चूंकि रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के ट्रेन स्टेशन पर हमला करने से साफ इनकार किया है,लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी सैनिकों ने जान-बूझकर ऐसे स्थान को निशाना बनाया जहां आम नागरिक एकत्र थे। तो वहीं रूस ने घटना के लिए यूक्रेन को दोषी ठहराते हुए कहा कि जिस तरह की मिसाइल से स्टेशन पर हमला किया गया वह ऐसी मिसाइल का उपयोग नहीं करता है। हालांकि,रूस के इस दावे को तमाम विशेषज्ञों ने खारिज करते हुए इसे झूठा करार दिया है।
