
सांकेतिक तस्वीर।
बर्लिन/कीव। रूस-यूक्रेन के बीच जारी भीषण लड़ाई की आग अब नाटों देशों तक भी पहुंच रही है,दरअसल,एक दावा सामने आया है जिसमें कहा गया है कि नाटों के 20 देश एक साथ दो-दो युद्धाभ्यास को अंजाम दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह अभ्यास पोलैंड समेत यूरोप के आठ देशों में आयोजित किए जा रहे हैं। जहां भारी संख्या में टैंक-तोप, मिसाइलें,युद्धपोत और लड़ाकूं विमानों के अलावा 18000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।
बता दे कि जबसे रूस-यूक्रेन के बीच लड़ाई शुरू हुई है तभी से नाटों अपने सभी कमांड को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है और लगातार सैन्य गतिविधियों को बढ़ा रहा है।
वहीं पोलैंड ने अपने एक बयान में कहा है कि नाटों के सैनिकों की भागीदारी वाला एक ड्रिल शुरू हो चुका है। इस दौरान यह भी बताया गया कि यह नियमित अभ्यास का हिस्सा है,जिसका लक्ष्य सिर्फ पूर्वी यूरोप में सुरक्षा को बेहतर बनाना है। लेकिन,रूस-यूक्रेन जंग के बीच नाटों के इस युद्धाभ्यास को सिर्फ तनाव बढ़ाने वाला हरकत माना जा सकता है।
इसी कड़ी में पोलैंड ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे आने वाले हफ्तों में देश से होकर गुजरने वाले सैन्य वाहनों के काफिलों की तस्वीरें या सूचना को सार्वजनिक नहीं करें। मतलब बयान में साफ चेतावनी देते हुए कहा गया है कि आपकी कोई भी लापरवाह गतिविधि नाटों गठबंधन की सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में सभी लोग खतरों से सावधान रहें।
कहने को तो युध्दाभ्यास है,लेकिन सच क्या है ? इसका अनुभव पूरी दुनिया कर रही है। चूंकि रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेन की मदद में भले ही नाटों आन रिकार्ड सामने नहीं आया लेकिन आफ रिकार्ड उसकी मौजूदगी को कतई इंकार नहीं किया जा सकता है,और इसके कई उदाहरण हैं। फिलहाल,जंग अब विस्तारित होते दीख रही है जो कि समूची दुनिया के हित में बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
