
हादसे के दौरान जलता हुआ चाॅपर का मलबा
नई दिल्ली। बीते बुधवार को हुए तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे की जांच एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के लीडरशिप में देश की तीनों सेनाओं की एक टीम ने शुरू कर दी है। इस हादसे की पूरी जानकारी और हादसे की उच्चस्तरीय जांच के संदर्भ में देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरूवार को संसद में मौजूद होकर दी है। इस दौरान रक्षामंत्री ने यह भी बताया कि इस दुर्घटना में एक मात्र जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं और उन्हें बचाने के लिये निरंतर सभी जरूरी प्रयास जारी हैं।

MI17V5 हैलीकॉप्टर (फाईल फोटो)
बताते चले कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहले लोकसभा और फिर बाद में राज्यसभा में दिये गए अपने बयान में कहा कि दुर्घटना की जांच के लिए एअरफोर्स के एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तीनों सेनाओं के एक दल द्वारा जांच किए जाने का आदेश दे दिया गया है और इस दल ने कल वेलिंगटन पहुंचकर जांच शुरू भी कर दिया है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने आगे भी बताया कि CDS जनरल बिपिन रावत बुधवार को वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के छात्रों से संवाद करने के लिए पूर्व निर्धारित यात्रा पर थे।

जांच अधिकारी एअर मार्शल मानवेंद्र सिंह (फाईल फोटो)
घटनाक्रम में आगे उन्होंने कहा कि,जनरल रावत अपनी पत्नी और 12 अन्य लोगों के साथ सुलुर से एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर से दोपहर से पूर्व 11 बजकर 48 मिनट पर वेलिंगटन के लिए उड़ान भरी,जहां जनरल रावत के हेलीकॉप्टर को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर वेलिंगटन में लैंड करना था,इस दौरान सुलूर वायु यातायात नियंत्रक का 12 बजकर 8 मिनट पर हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। जहां बाद में कुन्नूर के पास जंगल में स्थानीय लोगों ने आग लगी देखी। मौके पर जाकर उन्होंने हेलीकॉप्टर को आग की लपटों से घिरा देखा जिसके बाद स्थानीय प्रशासन का एक बचाव दल वहां पहुंचा।

हादसे में बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह (फाईल फोटो)
जहां पर लोगों द्वारा जलते हुए हेलीकॉप्टर के मलबों में से घायलों को तत्काल निकालकर यथाशीघ्र वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। जहां बाद में इस दुर्घटना में सवार कुल 14 लोगों में से 13 की मृत्यु हो गयी जिनमें सीडीएस जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल रहीं।
हादसे में मृत सैन्य अधिकारियों के बारें में आगे की जानकारी देते सिंह ने कहा कि सीडीएस जनरल रावत के डिफेंस एडवाइजर ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर,सीडीएस के आर्मी एडवाइजर एवं स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर प्रतीक सिंह चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह, जूनियर वारंट अधिकारी राणा प्रताप दास,जूनियर आफिसर अरक्कल प्रदीप,हवलदार सतपाल,नायक गुरसेवक सिंह,नायक जितेन्द्र कुमार,लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक वीर साई तेजा शामिल थे।
सदन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने आगे भी बताया कि,दिवंगत सैन्य कर्मियों के पार्थिव शरीर वायु सेना के विमान से आज शाम तक दिल्ली लाए जाएंगे। जनरल रावत का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि, अन्य दिवंगत सैन्य कर्मियों का भी उचित सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि,एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी को कल ही दुर्घटना स्थल पर भेज दिया गया था और उन्होंने वहां जाकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद राजनाथ सिंह ने दिवंगत सैन्यकर्मियों को अपनी और पूरे देश की तरफ से श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना भी प्रकट की।
अब यहां जांच के संबंध में साफ करना अति आवश्यक है कि बेहतर होगा कि जांच टीम में अन्य ऐजेंसियों के भी जांच विशेषज्ञों की एक टीम इस जांच में शामिल हो और जनरल विपिन रावत के यात्रा से पूर्व और यात्रा के समय जो-जो आॅन/आॅफ रिकार्ड के अनुसार शामिल रहें हैं,उन सभी बिंदुओं पर भी गौर करते हुए बिंदुवार तरीके से जांच हो और आवश्यकता प्रतीत होने पर संबंधितों के बयान भी रिकार्ड में हो,मतलब जांच में एक भी बिंदु छूटे नहीं। सिर्फ ब्लैक बाॅक्स अथवा घटनास्थल के मुआयना भर से बहुत सारी चीजें छूट सकती है जो कि जांच में बतौर लीड साबित हो सकती है। तभी तस्वीर साफ हो सकेगी।
