
चीनी सैन्य हैलीकॉप्टर (फाईल फोटो)
बीजिंग। चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने शुक्रवार को अमेरिका को खुली धमकी देते हुए कहा कि ताइवान की मदद करने वाले अमेरिकी सैनिकों पर चीन की सेना कभी भी हमला कर सकती है। बता दें कि चीन की तरफ से ऐसा धमकी भरा बयान ऐसे समय में आया है,जब अमेरिका के NSA जैक सुलिवन ने अपने एक संकल्प को सार्वजनिक करते हुए साफ किया था कि किसी भी स्थिति में ताइवान में चीन की घुसपैठ को अमेरिका रोकेगा।
धमकी के कड़ी में चीनी अखबार ने कहा, इस तरह की धमकियां विश्वसनीय नहीं हैं क्योंकि अमेरिका ताइवान की रक्षा करने की लागत को झेल नहीं सकता है, इस दौरान अखबार ने अमेरिकी NSA को अपना मुंह बंद करने को कहा। बताते चले कि चीनी वायुसेना ने शुक्रवार को ताइवान के हवाई क्षेत्र में 13 युद्धक विमानों के साथ घुसपैठ की जिसमें आठ फाइटेर एअरक्राफ्ट और दो न्यूक्लियर बॉम्बर एअरक्राफ्ट शामिल थे,इस दौरान ताइपे ने साफ किया कि चीन के इन लड़ाकूं विमानों में छ: J-16 लड़ाकू विमान,दो J-10 लड़ाकू विमान,दो H-6 बमवर्षक,एक Y-8 जासूसी विमान, एक Y-8 पनडुब्बी रोधी विमान, एक KJ-500 जासूसी विमान शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि चीन अक्सर ताइवान को धमकाने की नियत से इस तरह के हरकत को अंजाम देता रहता है। इसी कड़ी में ग्लोबल टाइम्स ने अमेरिका को धमकाते हुए लिखा कि, किसी को विश्वास नहीं है कि अमेरिका के पास हर कीमत पर ताइवान की रक्षा करने की सच्ची इच्छा है, अमेरिका के युद्ध की कीमत पर ताइवान की रक्षा करने से बहुत दूर है, इसने लिखा कि वाशिंगटन का मानना है कि द्वीप पर अमेरिकी सैनिकों को भेजना सही है, लेकिन वास्तव में वे खुद को हमलों से घिरा हुआ पाएंगे। अखबार ने आगे भी लिखा,अमेरिका मुख्य रूप से ताइवान को हथियार बेचकर सैन्य सहायता प्रदान करता है,और ये हथियार उसी दिन नष्ट कर दिए जाएंगे, जिस दिन ताइवान पर चीन का कब्जा हो जाएगा। यहां यह साफ करना जरूरी है कि ये वही चीन है जब वर्ष 1967 में रूस ने इसपर परमाणु हमला करने का पूरा मन बना लिया था,सिर्फ अमेरिका का मौन धारण करना था बाकि सारा खेल इनका 1967 में ही खत्म हो जाता,उस समय चीन भीगी बिल्ली बन गया था, चीन के सारे नेता सैन्य बंकरों की शरण में छिप गए थे,अमेरिका से बार-बार मिन्नतें कर रहे थे,तब अमेरिका सामने आकर समझौता कराया,आज उसी अमेरिका को धमकी दिया जा रहा है वो भी कुछ हथियारों के बदौलत।
