नई दिल्ली।
तालिबान के खिलाफ अफगानिस्तान में कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। तालिबान ने उसके खिलाफ रैली कर रहे लोगों पर फायरिंग भी की। अफगानिस्तान में कई पत्रकारों का कहना है कि तालिबान उनके खिलाफ क्रूर व्यवहार भी कर रहा है। अफगानिस्तान में चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे एक पत्रकार ने न्यूज एजेंसी ‘AFP’ से बातचीत में कहा कि उनका प्रेस आईडी कार्ड और कैमरा तालिबान ने छीन लिया। उन्होंने कहा कि, ‘तालिबान ने मुझे पैर से मारा।’ अफगान में स्थित पाकिस्तानी दूतावास के पास लोगों ने प्रदर्शन किया है। यह लोग पाकिस्तान पर तालिबान को समर्थन देने का आरोप लगा रहे हैं। तालिबान ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर पकड़े गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
तालिबान ने एक अफगानी पत्रकार को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में पत्रकार ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर न्यूज एजेंसी ‘AP’ से बातचीत में कहा कि, ‘उनलोगों ने मुझे जमीन पर नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया और फिर इस प्रदर्शन को कवर करने के लिए माफी भी मंगवाई।’
अफगानिस्तान के ‘TOLO’ चैनल ने बताया कि उनके कैमरामैन वाहिद अहमदी को तालिबान ने गिरफ्तार कर लिया था। पिछले महीने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद ऐसी कई खबरें आई हैं जिसमें तालिबानियों द्वारा पत्रकारों को पीटने और उन्हें धमकी देने की बात कही गई है। जर्मनी के चैनल ‘Deutsche Welle’ ने कहा कि तालिबानी लड़ाकू घर-घर जाकर उनके पत्रकारों की तलाश कर रहे हैं। वो ना सिर्फ उनके पत्रकारों को गोली मार रहे हैं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी मौत के घाट उतार रहे हैं। कई पत्रकार तालिबान की पिटाई से घायल भी हुए हैं।
