
जूलियन अंसाजे साभार-(सोशल मीडिया)
वाशिंग्टन। अमेरिकी खुफिया ऐजेंसियों की रातों की नींद उड़ाने वाले विकीलिक्स के संस्थापक जूलियन अंसाजे के संभावित अमेरिकी प्रत्यर्पण को लेकर यूनाइटेड नेशन के राइट चीफ मिशेल बाचेलेट ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जूलियन असांजे के संभावित प्रत्यर्पण और अभियोजन प्रकिया से मीडिया की स्वतंत्रता पर पड़ने वाले प्रभाव पर मै बेहद चिंतित हूं। उन्होंने शनिवार को कहा कि जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण और चल रही अभियोजन प्रकिया से मीडिया की आजादी प्रभावित हुई है। इतना ही नहीं,इसके चलते इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म पर भी खतरे का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
दरअसल,ऑस्ट्रेलियन नागरिक जूलियन असांजे पर कंप्यूटर के गलत इस्तेमाल और अमेरिका के खिलाफ जासूसी के 18 आपराधिक आरोप हैं। और वह साल 2019 से लंदन की हाई सिक्योरिटी वाली जेल में बंद है। जहां असांजे ने अमेरिका में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ ब्रिटेन की अदालत में अपील की है।
बता दे कि अमेरिकी सेना द्वारा अफगानिस्तान और इराक में चलाए गए सैन्य अभियान से जुड़ी तमाम गोपनीय जानकारियां 2010 में असांजे ने अपने विकीलीक्स पर पब्लिश कीं थीं। इनमें अमेरिकी जवानों के हेलिकॉप्टर से इराक में नागरिकों पर गोली दागने की फुटेज भी शामिल थी।
बताया जा रहा है कि अगर 51 वर्षीय जूलियन दोषी पाए जाते हैं,तो उन्हें दशकों तक जेल में रहना पड़ सकता है। मिशेल बाचेलेट ने कहा, ‘मैं उन स्वास्थ्य समस्याओं से पूरी तरह से अवगत हूं, जो असांजे को कस्टडी में रहने के दौरान झेलनी पड़ी हैं। मैं उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी चिंतित रहता हूं।’ उन्होंने आगे यह भी कहा कि इन परिस्थितियों में मैं असांजे के ह्यूमन राइट्स के सम्मान को सुनिश्चित करने के जरूरत पर बल देना चाहूंगा,खासकर इस मामले में निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार और उचित प्रक्रिया की गारंटी के महत्व पर जोर दूंगा।
