
सांकेतिक तस्वीर।
मॉस्को/वाशिंग्टन। रूस-यूक्रेन जंग के बीच एक तरफ जहां न्यूक्लियर वाॅर का काउंटडाउन शुरू हो गया है तो वही दूसरी ओर एक अमेरिकी मीडिया समूह ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचाने वाला दावा किया गया है,दावें में कहा गया है कि रूस से पहले अमेरिका मॉस्को पर परमाणु हमला कर सकता है। बता दे कि इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंसकी ने कहा था कि रूस से पहले नाटों को रूस पर परमाणु हमला कर देना चाहिए।

फाईल फोटो, रूसी राष्ट्रपति पुतिन,साभार (सोशल मीडिया)
दरअसल,अमेरिका के मीडिया समूह “द सन” ने पेंटागन के उच्चस्तरीय सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि यूक्रेन पर परमाणु हमला से पहले अमेरिका मॉस्को पर न्यूक्लियर वाॅर कर सकता है। बता दे कि अमेरिका के इस मीडिया रिपोर्ट्स ने पूरी दुनिया में हड़कंप सा मचा दिया है। इससे पहले अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पुतिन के धमकी को बहुत ही गंभीरता से लेने की चेतावनी दिया है। इस दौरान जो बाइडेन ने शीतयुद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि जब 1962 में क्यूबा में भी इसी तरह की स्थिति उत्पन्न हो गई थी तो उस समय बहुत ही मुश्किल से हालात को काबू किया गया था।
इससे पहले रूस के परमाणु हमले की तैयारियों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंसकी ने नाटों से साफ कह दिया है कि रूस के परमाणु हमला करने से पहले उस पर नाटों देशों को परमाणु हमला कर देना चाहिए,इतना ही नहीं जेलेंसकी ने आगे भी कहा कि यह हमला इतना खतरनाक होना चाहिए कि रूस पलटवार की स्थिति में न हो। इस दौरान जेलेंसकी ने आगे यह भी कहा कि परमाणु हमले के बाद पुतिन भी जिंदा नहीं बचेंगें।
उधर, नाटों के कई सदस्य देशों ने भी रूस पर पहले परमाणु हमला किये जाने का समर्थन किया है। जिसमें ब्रिटेन सबसे टाॅप पर है। बता दे कि इस समय अमेरिका सहित नाटों देशों की खुफिया ऐजेंसियां क्रेमलिन पर पूरी निगरानी रखे हुई है, जहां पल-पल की खुफिया रिपोर्ट सामने आ रही है। इतना ही नहीं तमाम सेटेलाईट के माध्यम से भी रूस के हरकतों पर पूरी नजर बनी हुई है।
इस दौरान नाटों देशों में भी अमेरिका द्वारा कई महत्वपूर्ण संवेदनशील लोकेशन पर परमाणु मिसाइलों के तैनाती की भी रिपोर्ट सामने आ रही है। यही नहीं परमाणु हमले के दौरान उसके रेडिएशन से बचने के लिए भारी मात्रा में एंटी रेडिएशन दवाइयाँ भी बनाई जा रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में ताशकंद समिट से लौटे रूसी राष्ट्रपति पुतिन पहले से कही अधिक आक्रामक होते हुए यूक्रेन के कई हिस्सों को रूसी क्षेत्र घोषित कर दिया जिसके बाद ही यह तनाव पहले से कही अधिक भढ़क गया। इतना ही नहीं नाटों के बार्डर देश पोलैंड के सीमा के पास रूस ने परमाणु हमले की एक ड्रिल भी किया जिसकी पुष्टि खुद रूस के डिफेंस मिनिस्ट्री ने भी किया। अब ऐसे में पहले से ही यूक्रेन में बैकफुट चल रही रूसी फौज के निराशाजनक माहौल के चलते फौज का मनोबल बढ़ाने के लिए पुतिन ने यूक्रेन के चार राज्यों को रुसी क्षेत्र घोषित कर दिया जिस वजह से यूक्रेन ने पहले से कही अधिक रूसी फौज पर हमला शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप यूक्रेन के जबरदस्त हमलो के चलते रूसी फौज पीछे हटने के लिए मजबूर हो गई। ऐसे में रूस को अपने अस्तित्व के प्रति बड़ा खतरा महसूस हो रहा है। जिस कारण हालात साफ संकेत दे रहे कि अब परमाणु हमला अनिवार्य सा हो गया है।
