
सांकेतिक तस्वीर।
मॉस्को। रूस-यूक्रेन के बीच जारी भीषण जंग के दौरान इजरायली खुफिया फर्म इमेजसैट इंटरनेशन (ISI) ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है, दावे में कहा गया है कि फिनलैंड के करीब ओलेन्या एयरबेस पर रूसी बमवर्षकों (बॉम्बर) की तैनाती को देखा गया है। बमवर्षक TU-160 और TU-95 यहां पर मौजूद हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात है कि ये बमवर्षक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं।
दरअसल,सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए इस साल बीते 21 अगस्त को चार TU-160 और 25 सितंबर को TU-95 का पता चला था। 12 अगस्त को एयरबेस पर कोई भी बॉम्बर मौजूद नहीं था। रिपोर्ट में कहा गया है कि पैटर्न से पता चलता है कि ओलेन्या एयरबेस पर मौजूद बमवर्षक एंगेल्स एयर बेस से उड़ान भर सकते हैं। एंगेल्स एयर बेस यूक्रेन के पास रूस का एकमात्र बमवर्षक केंद्र है। क्रूज मिसाइलों और स्ट्रैटेजिक न्यूक्लियर हथियारों को ले जाने में सक्षम बॉम्बर फरवरी में युद्ध की शुरुआत के बाद से ही एक्टिव हैं।
दावे में फिलहाल अभी ये स्पष्ट नहीं किया गया है कि आखिर एयरबेस पर ये बॉम्बर क्यों मौजूद हैं ? लेकिन ये एक ऐसे समय में देखे गए हैं, जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन लगातार पश्चिमी देशों को न्यूक्लियर बम की धमकी देते रहे हैं। बता दे कि ओलेन्या एयरबेस मरमंस्क के पास कोला प्रायद्वीप पर मौजूद है। यहां पर रूस का उत्तरी बेड़ा और सामरिक और रणनीतिक परमाणु हथियारों का जखीरा मौजूद है। रूस और अमेरिका के बीच एक समझौते के तहत रूस ने वर्ष 2020 में बताया था कि उसने 1,447 रणनीतिक वारहेड्स तैनात कर रखे हैं। उसके पास 1,550 से ज्यादा वॉरहेड्स तैनात करने की क्षमता है।
बताया जा रहा है कि रूस के लिए यह एक महत्वपूर्ण एयरबेस है, जिसके पास बड़े पैमाने पर हमला करने की क्षमता है। रूस इसके जरिए अमेरिका और नाटों को संदेश भेजना चाहता है। ये एयरबेस यूक्रेन पर रूस के हमले से भी सुरक्षित है।
गौरतलब है कि इस साल बीते 24 फरवरी से रूस और यूक्रेन के बीच भीषण जंग छिड़ी हुई है, जहां इस दौरान यूक्रेन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है तो वही रूसी फौज भी इस जंग में भारी कीमत चुकाने को मजबूर है। जहां इसी बीच अभी हाल ही में यूक्रेन ने रूस द्वारा इस जंग में कब्जाये गई कई इलाकों पर फिर से कब्जा करने का दावा किया था। जिसके बाद से हीं रूस बैकफुट पर आ गया, इस दौरान रूसी फौज के कई विडियो भी वायरल हुए जिसमें दावा किया गया कि रूसी फौज कई फ्रंट पर सप्लाई की कमी के चलते जंग लड़ने से इनकार कर रही है, इतना ही नहीं क्रेमलिन ने फ्रंट पर 3 लाख रूसी फौज की नयी तैनाती के लिए देश में नवयुवकों पर दबाव बनाने लगा, जिस वजह से लोगों में देश छोड़ने की होड़ सी मच गई। यही नहीं कितने लोगों ने तो अपने हाथ पैर जानबूझकर तोड़वाने लगे ताकि वे इस जंग का हिस्सा न बन सके। तो वही एक दिन पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के कई हिस्सों पर अपना दावा ठोंककर अमेरिका व नाटों को खुली चुनौती दे डाला। बताते चले कि जंग के शुरूआत में ही परमाणु हमलें की धमकी भी मॉस्को के तरफ से कई बार सामने आई, यही नहीं कई बार रूस की परमाणु पनडुब्बी व फाइटेर जेट भी घातक परमाणु हथियारों से लैश डिटेक्ट हुए हैं।
