
सांकेतिक तस्वीर,साभार-(अमेरिकी नौसेना के ट्वीटर से)
तेल अवीव/वॉशिंगटन। रूस-यूक्रेन जंग के बीच अब मिडिल-ईस्ट में भी जंगी तनातनी बढ़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि अमेरिका और इजरायल ने सोमवार से ईरान के खिलाफ एक बड़ी मिलिट्री एक्सरसाइज शुरू कर दी है। इतना ही नहीं एक सीनियर अमेरिकी डिफेंस आॅफिसर के हवाले से यह दावा किया गया है कि इस ड्रिल का मकसद ईरान को यह संदेश देना है कि यूक्रेन में जारी जंग अमेरिका का ध्यान नहीं भटका सकती है। साथ ही चीन को भी इस युद्धाभ्यास से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि वह किसी गलतफहमी में न रहे और किसी भी समय बड़े सैन्य बल को कहीं भी भेजा जा सकता है।

फोटो साभार -(अमेरिकी नौसेना के ट्वीटर से)
बता दे कि अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ पहले से ही तनाव चल रहा है, जहां अब इस ज्वाइंट ड्रिल से ईरान और भढ़केगा। मालूम हो कि इस युद्धाभ्यास का आॅपरेशनल कोड “जुनिपर ओक 23” नाम दिया गया है। रिपोर्ट है कि यह अमेरिका और इजरायल के बीच अभी तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास है। इस युद्धाभ्यास में बड़े स्तर पर एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही इजरायल के रक्षा बलों के साथ काफी गहनता के साथ आपसी सहयोग किया जाएगा। इसके अलावा भारी मात्रा में गोला-बारूद भी इसका हिस्सा होंगे।
गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिका का ईरान के साथ पहले से ही कई मुद्दों पर जंगी तनातनी जारी है, जिसमें ईरान द्वारा गोपनीय तरीके से परमाणु बम बनाने की रिपोर्ट विशेष कारण है। हालांकि,इजरायली खुफिया ऐजेंसी “मोसाद” ईरान पर बराबर निगरानी बनाये हुई है। क्योंकि इजरायल कभी नहीं चाहता कि उसके दुश्मन परमाणु हथियार से संपन्न हो। अब ऐसे में यह ड्रिल उस समय शुरू हो रहा है जब अमेरिका खुद रूस-यूक्रेन जंग में उलझा हुआ है।
