
रूस के मिसाइल हमले के दौरान, फोटो साभार -(यूक्रेन के डिफेंस डिपार्टमैंट के ट्वीटर से)
मॉस्को। रूस-यूक्रेन जंग के बीच हाल ही में क्रीमिया ब्रिज पर हुए हमले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जिसमें इस ब्रिज को उड़ाने की खतरनाक साजिश में ब्रिटिश खुफिया ऐजेंसी की भूमिका सामने आई है। जबकि इसके पहले के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस को क्रीमिया से जोड़ने वाले केर्च ब्रिज पर किए गए हमले को यूक्रेन के स्पेशल सर्विसेज द्वारा किया गया “आतंकी” कृत्य करार दिया था। दरअसल,वेबसाइट “द ग्रेजोन” ने दावा किया है कि इस मामले में हासिल आंतरिक दस्तावेजों और पत्राचार के जरिए यह साफ हुआ है कि क्रीमिया ब्रिज को उड़ाने की साजिश ब्रिटिश खुफिया ऐजेंसी ने रची थी।
बता दे कि “द ग्रेजोन” ने खास तौर पर प्रशिक्षित यूक्रेनी सैनिकों की भागीदारी के साथ क्रीमिया के केर्च ब्रिज को उड़ाने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करने वाले वरिष्ठ ब्रिटिश खुफिया अधिकारियों के लिए अप्रैल 2022 की प्रस्तुति हासिल की है। योजना के जारी होने के करीब छह महीने बाद, केर्च ब्रिज पर बीते 8 अक्टूबर को आत्मघाती बमबारी में हमला किया गया था, जो साफ तौर पर यूक्रेन की एसबीयू खुफिया एजेंसियों की देखरेख में किया गया माना जा रहा है। क्रीमियन ब्रिज को ही केर्च ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है।
दरअसल,कीव के “समुद्री छापेमारी को “साहसिक” समर्थन प्रदान करने के विस्तृत प्रस्तावों का मसौदा ब्रिटिश सेना के एक वरिष्ठ खुफिया ऑपरेटर और वेटरन हाई रैंकिंग नाटों सलाहकार क्रिस डोनेली के अनुरोध पर हीं तैयार किया गया था। व्यापक योजना का मुख्य आधार “केर्च जलडमरूमध्य पर बने पुल का विनाश” करना था।
जहां इस सीक्रेट ऑपरेशन की साजिश रचने वाले दस्तावेज और पत्राचार एक गुमनाम सोर्स की ओर से द ग्रेजोन को दिए गए। ब्रिटिश सेना के सीनियर ह्यूग वार्ड की ओर से इस आॅपरेशन को लेकर ब्लू प्रिंट तैयार किया गया था। साथ ही ब्लैक सी में यूक्रेन को रूसी नौसैनिक बलों के लिए खतरा पैदा करने में मदद करने के लिए भी कई रणनीतियों की रूपरेखा तैयार की गई है।
गौरतलब है कि 19 किलोमीटर के इस पुल को बीते शनिवार की सुबह एक जोरदार धमाके ने दहला दिया और इस जले हुए रेल पुल और टूटे हुए सड़क पुल की चौंकाने वाली तस्वीरें दुनिया भर में दिखाई गईं। हालांकि रूस ने पुल को परिचालन में वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाया, भले ही यह काफी क्षतिग्रस्त प्रतीत होता है। लेकिन पुल के जिस हिस्से पर हमला किया गया है वह खंड पूर्व-पश्चिम की ओर टुजला द्वीप और केर्च, क्रीमिया के बीच स्थित है, और द्वीप के बीच और नौवहन जलमार्ग पर मुख्य मेहराब के बीच में है। इतना ही नहीं जारी जंग में रुस का सप्लाई का सबसे बड़ा जमीनी रास्ता सिर्फ यही पुल है, जो कि दुश्मन का टाप लेवल का टारगेट बना। हालांकि, अब पुल फिर चालू हो गया है। लेकिन रूसी फौज इस पुल पर हुए हमले के बाद से हीं बौखला गई है और यूक्रेन पर जबरदस्त मिसाइल अटैक जारी रखे हुई है,जिसमें यूक्रेन को भारी तबाही का सामना करना पड़ रहा है।
