
भारतीय सैनिक,सांकेतिक तस्वीर।
नई दिल्ली/चेन्नई। केंद्रीय ऐजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को तमिलनाडु और केरल में 44 जगहों पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी बीते 23 अक्टूबर को कोयंबटूर में हुए धमाकों के सिलसिले की गई है। जहां इस धमाके के दौरान आरोपी हमलावर मारा गया था। चूंकि,हमलावर एक कार में सवार होकर कोट्टाई ईश्वरन मंदिर के सामने जा रहा था। इसी दौरान कार में धमाका हो गया था। बता दे कि जिन 43 जगहों पर छापेमारी की गई है,उनमें तमिलनाडु के आठ जिलों चेन्नई, कोयंबटूर, थिरुवल्लूर, थिरुप्पुर, नीलगिरीज, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और नागापट्टिनम और केरल का एक जिला पलक्कड़ शामिल है।
इस बीच ऐजेंसी ने इस छापेमारी के संबंध में एक बयान भी जारी किया है। जिसमें दावा किया गया है कि शुरुआती जांच के मुताबिक आरोपी जमेशा मुबीन ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और सीरिया में शपथ ली थी। तथा वह धर्म व समुदाय विशेष के निशानों और इमारतों को सुसाइड अटैक से उड़ाना चाहता था। इसके लिए वह समुदाय विशेष के मन में डर पैदा करना चाहता था। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीते 27 अक्टूबर को हीं इस संघीय एजेंसी को मामले की जांच सौंपी थी। वहीं,इस छापेमारी के दौरान NIA को डिजिटल डिवाइसेस और आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिला है। फिलहाल,इस घटनाक्रम से संबंधित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इतना ही नहीं ऐजेंसी के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि आरोपियों ने मारे गए जामेशा मुबीन के साथ मिलकर विभिन्न केमिकल्स और अन्य वस्तुओं से आईईडी विस्फोटक तैयार किया था। इन सभी ने एक व्हीकल पर लगने वाला आईडी भी तैयार किया था। आरोपियों ने इसे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से खरीदा था और खतरनाक आतंकी गतिविधि को अंजाम देना चाहते थे। इसकी वजह यह है कि धमाके में मारा गया मुबीन और गिरफ्तार छह अन्य लोग मोहम्मद अजहरुद्दीन के संपर्क में थे। अजहरुद्दीन फिलहाल आईएसआईएस के साथ लिंक और 2019 में श्रीलंका में ईस्टर संडे पर हुई बमबारी की घटना में जेल में बंद है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस ने 75 किलो पोटैशियम नाइट्रेट, चारकोल, सल्फर और एल्यूमिनियम पॉवडर ने बरामद किया है। पुलिस को यह सबकुछ उकड्डम में मुबीन के घर से मिला था, इससे विस्फोटक बनाए जाने थे।
बता दे कि एनआईए ने वर्ष 2018-19 में कोयंबटूर में आईएसआईएस मॉड्यूल की जांच की थी, जिसे मोहम्मद अजहरुद्दीन ही लीड कर रहा था। जांच में सामने आया था कि अजहरुद्दीन एक अन्य सहयोगी शेख हिदायतुल्लाह के साथ मौलवी जहरान बिन हाशिम के संपर्क में था। हाशिम ही वह शख्स है जो 21 अप्रैल 2019 में श्रीलंका में हुए धमाकों का मास्टरमाइंड है। उस वक्त पता चला था कि अजहरुद्दीन और हिदायतुल्लाह हाशिम के साथ मिलकर केरल और तमिलनाडु में उसी तरह के धमाकों को अंजाम देने की फिराक में थे। जहां हाशिम और श्रीलंकन बॉम्बर मोहम्मद अजान ने इस्लामिक स्टेट का प्लान डिस्कस करने के लिए 2017 और 2018 में भारत की यात्रा भी की थी। इस बीच एनआईए की जांच के आधार पर भारतीय एजेंसियों ने श्रीलंका में बड़े हमले को लेकर श्रीलंकाई सुरक्षा एजेंसियों को तीन अलर्ट भेजे थे। मालूम हो कि श्रीलंका में हुए धमाके में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके बाद बीते 30 मई को एनआई ने स्वत: संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु के कोयंबटूर में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
वहीं,एक दिन पहले ही यानी बुधवार की शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लीडर शिप में एक सीक्रेट मीटिंग की गई थी। जिसमें केंद्रीय खुफिया ऐजेंसियों से संबंधित अधिकारी मौजूद थे। इस बीच सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई थी कि यह मीटिंग देश के खुफिया रिपोर्ट्स के विश्लेषण करने के संबंध में आयोजित की गई है जो कि बेहद गोपनीय है। उधर, कल शाम को शाह की मीटिंग होती है और इधर, आज केंद्रीय ऐजेंसियां दक्षिण भारत के 44 लोकेशन पर जबरदस्त छापेमारी की कार्यवाही को अंजाम देती है। इससे साफ हो गया है कि देश में आतंकी नेटवर्क के साथ-साथ दुश्मन के साथ संबंध रखने वालों की अब खैर नही है।
