
सांकेतिक तस्वीर।
थिम्फू। धोखेबाजी की फितरत से मशहूर चीन ने अब भूटान सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को काफी तेज कर दिया है। इनमें से अधिकतर निर्माण भूटान के दावे वाले इलाके में किया जा रहा है। जबकि अभी हाल ही में चीन और भूटान के बीच सीमा विवाद को सुलझाने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद बातचीत की आड़ में चीन थिंमफू के साथ विश्वासघात करने से बाज नहीं आ रहा है। इतना ही नहीं चीन के इस निर्माण से भारत के लिए भी खतरे की घंटी बज गई है। भूटान की सीमा पर चीन के निर्माण से पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो रहा है। यही कारण है कि भारत ने भी पूर्वोत्तर में अपनी रक्षा तैयारियों को तेज कर दिया है। यही कारण है कि इंडियन एअर फोर्स पूर्वोत्तर में कमांड लेवल की मिलिट्री एक्सरसाइज करने जा रही है।
दरअसल,नेपाल की एक मीडिया समूह ने रिपोर्ट किया है कि भूटान के साथ सीमा विवादों को सुलझाने के अपने वादों के बावजूद चीन विवादित क्षेत्रों में गांवों और बस्तियां बसाकर घुसपैठ कर रहा है। वहीं,हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, चीन ने इस क्षेत्र में लगभग 200 से ज्यादा स्ट्रक्चर का निर्माण कर लिया है और इससे भी ज्यादा पर निर्माण कार्य चल रहा है। बता दे कि अक्टूबर 2021 में चीन ने भूटान के साथ सीमा विवाद को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। इसमें चीन ने कहा था कि वह तीन चरणों वाले रोडमैप के जरिए भूटान के साथ सीमा वार्ता में तेजी लाएगा और विवाद सुलझाने के लिए काम करेगा।
इसी समझौते पर हाल में ही दोनों पक्षों ने सकारात्मक आम सहमति के जरिए आगे बढ़ने के वादे को दोहराया है। इसके बावजूद भी चीन तेजी से भूटानी सीमा में घुसपैठ कर रहा है। कई सैटेलाइट तस्वीरों में भूटानी सीमा के नजदीक चीनी गांव साफ नजर आ रहे हैं। चीन इन गांवों में लोगों को बसाने के लिए प्रोत्साहित भी कर रहा है। इन लोगों को पैसों सहित कई तरह की सरकारी सुविधाएं ऑफर की जा रही हैं। वहीं, इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भी भूटान अभी तक खामोश है।
