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इस साल अप्रैल में PM मोदी के जम्मू दौरे से पहले घाटी में हुए आतंकी हमलें की जांच की आंच पहुंची रोहिंग्यां मुस्लिमों तक, हमलें में शामिल रहे आतंकियों के मददगारों की तलाश में की जा रही ताबड़तोड़ छापेमारी – विजयशंकर दूबे/राजेंद्र दूबे


सांकेतिक तस्वीर।

नई दिल्ली/श्रीनगर। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस साल अप्रैल में जम्मू दौरे से पहले सुजवां में हुए आतंकी हमलों के बाद रोहिंग्याओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बता दे कि जांच में सक्रिय स्थानीय पुलिस व केंद्रीय ऐजेंसियों ने हमलें में शामिल रहे आतंकियों के अन्य मददगारों की भी तलाश में तेजी से छापेमारी में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि भठिंडी के किरयानी तालाब और सुंजवां के इलाके में बसे रोहिंग्या परिवारों की पहचान का इस समय काम तेजी पर है,जहां इलाके में गैर कानूनी ढंग से रह रहे आप्रवासियों को पुलिस ने पूछताछ के लिए सम्मन किया है।

इस बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के एक आदेश के पालन में स्थानीय प्रशासन भी यहां रह रहे मुताबिक रोहिंग्या परिवारों की जानकारी भी इकट्ठा कर रही हैं। मालूम हो कि जम्मू में अवैध रूप से रह रहे 155 आप्रवासियों के पास पासपोर्ट अधिनियम की धारा (3) के मुताबिक वैध यात्रा दस्तावेज नहीं थे। तब से ये सभी हीरानगर के होल्डिंग सेंटर में हैं।

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